
रिदय इस वक्त मान्यता के ऊपर झुका हुआ था और मान्यता गुस्से से उसे घूर रही थी, रिदय मुंह बनाते हुए बोला "अब मैं तुम्हारे पास आ रहा हूं तो तुम मुझे गुस्सा दिखा रही हो! अगर यही मैं इसी वक्त रिद्धिमा के पास चला गया ना तो तुम्हारा सारा गुस्सा धरा का धरा रह जाएगा, फिर तुम ही पछताओगी कि तुमने मुझे बेफालतू का गुस्सा क्यों दिखाया?”























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