
ज़ोरांश के हाथ पर दवा लगाने के बाद कुहू वहां से जाने वाली थी लेकिन ज़ोरांश ने उसका हाथ पकड़ कर उसे रोक लिया, कुहू ने पलट कर सवालिया नजरों से उसे देखा!
वो अभी भी ज़ोरांश के बिल्कुल करीब थी, ज़ोरांश ने अपनी बॉडी पर सिर्फ टॉवल लपेटा हुआ था! ऐसे में वो पल बहुत ही ज्यादा इंटेंस था, कुहू का दिल अब और भी ज्यादा जोरों से धक-धक करने लगा था क्योंकि ज़ोरांश उसके ऊपर झुकने लगा था और फिर अचानक ही उसने कुहू की पीठ पर अपना हाथ रखा!























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