
स्नेहा और चित्रांशी दोनों एक दूसरे के आमने-सामने खड़ी थी, इस वक्त वो दोनों स्नेहा के रूम में थी जहां पर स्नेहा चित्रांशी को इसलिए लेकर आई थी क्योंकि जब वो सान्वी पर अपना प्यार लुटा रही थी तो चित्रांशी की आंखों में नमी आ गई थी और वो बहुत अच्छी तरह से जानती थी कि इस वक्त वो अपनी मॉम को बहुत मिस कर रही होगी इसलिए वो उसे अपने रूम में लाई थी और अब उसने चित्रांशी को बेड पर बिठाया और फिर खुद उसके सामने खड़ी होकर उसके चेहरे के नीचे अपनी दो उंगलियां रखते हुए उसने बड़े ही प्यार से पूछा “तुम्हारी मॉम की बहुत याद आ रही है तुम्हें?”























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