
लगभग से 3 महीने बाद
स्नेहा अंगड़ाई लेते हुए बिस्तर पर उठकर बैठी और सामने वॉल क्लॉक की तरफ से देखने लगी जहां पर लगभग से 5:30 बज गए थे! अब उसने पलट कर अपनी बगल में देखा जहां अंगद आराम से सोया हुआ था!


लगभग से 3 महीने बाद
स्नेहा अंगड़ाई लेते हुए बिस्तर पर उठकर बैठी और सामने वॉल क्लॉक की तरफ से देखने लगी जहां पर लगभग से 5:30 बज गए थे! अब उसने पलट कर अपनी बगल में देखा जहां अंगद आराम से सोया हुआ था!

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