
चित्रांशी अपने हाथों में पकड़े हुए पैसों की तरफ देख रही थी जो उसे रितेश की मॉम ने दिए थे क्योंकि उसने रितेश और सान्वी का तिलक किया था, अब तक वो उन पैसों को देखकर खुश हो रही थी लेकिन अब उसका चेहरा एकदम से उतर गया!


चित्रांशी अपने हाथों में पकड़े हुए पैसों की तरफ देख रही थी जो उसे रितेश की मॉम ने दिए थे क्योंकि उसने रितेश और सान्वी का तिलक किया था, अब तक वो उन पैसों को देखकर खुश हो रही थी लेकिन अब उसका चेहरा एकदम से उतर गया!

Write a comment ...
Write a comment ...