
शाम के लगभग से 5 बजे
स्नेहा बाहर गार्डन एरिया में बैठी थी! वो जब से आई थी तब से अपने रूम में ही रह रही थी, बहुत कम वो बाहर निकली थी इसलिए अब अनुपमा जी ने उसके साथ थोड़ा गुस्से में पेश आते हुए उसे बाहर गार्डन एरिया में भेजा था! आस्था भी उसके साथ थी…


शाम के लगभग से 5 बजे
स्नेहा बाहर गार्डन एरिया में बैठी थी! वो जब से आई थी तब से अपने रूम में ही रह रही थी, बहुत कम वो बाहर निकली थी इसलिए अब अनुपमा जी ने उसके साथ थोड़ा गुस्से में पेश आते हुए उसे बाहर गार्डन एरिया में भेजा था! आस्था भी उसके साथ थी…

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