
अंगद ने दरवाजा खोला, सामने ही सर्वेंट खड़ी थी जो उन दोनों के लिए जूस और कुछ स्नैक्स लेकर आई थी! अभी थोड़ी ही देर में डिनर होने वाला था तो शारदा जी ने बस हल्का-फुल्का खाना ही उन दोनों के लिए भिजवाया था।
अंगद ने वो टेबल पर रखवाया और फिर वो सर्वेंट वहां से चली गई, अब अंगद ने वो ट्रे अपने हाथ में उठाई और फिर स्नेहा की तरफ लेकर आया! उसने स्नेहा की तरफ जूस बढ़ाया तो स्नेहा ने चुपचाप वो जो सपने हाथ में ले लिया!























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