
डॉक्टर की बात सुनकर सिकंदर ने वो फॉर्म अपने हाथ में लिया और अब उसका चेहरा और भी ज्यादा सख्त हो चुका था, अगले ही पल उसने उस फॉर्म को अपने हाथ में कसते हुए बुरी तरह से मरोड़ दिया और डॉक्टर की तरफ देखते हुए बोला "ना ही मेरी दिलनशी को कुछ होना चाहिए और ना ही मेरे बच्चे को! अगर उन दोनों में से किसी को भी कुछ हुआ तो तुम्हारा ये हॉस्पिटल तुम्हारी आंखों के सामने जलकर राख होगा और साथ में तुम भी…























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