
दीप्ति प्रणय को लेकर नीचे की तरफ आई, वो बहुत मुश्किल से उसे नीचे लेकर आई थी क्योंकि सीढ़ियों पर बार-बार प्रणय रुक रहा था और उसके पैर लड़खड़ा रहे थे!
अब दीप्ति उसे अपनी गोद में तो उठा नहीं सकती थी, वो उसका हाथ पकड़ कर उसे नीचे लेकर जा रही थी लेकिन बार-बार प्रणय ऊपर अपने रूम में जाने की जिद करता! अब तक वो बिल्कुल ठीक था लेकिन अब वो एकदम नशे में टल्ली हो चुका था जिसे ना कुछ ढंग से नजर आ रहा था और ना ही वो चल पा रहा था! उसे तो सामने दीप्ति भी दो दो नजर आने लगी थी…





















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