
सहर की आंखों में आंसू देख कर एकलव्य ने गुस्से से अपनी मुट्ठियां कस ली थी, ना तो उसे किसी और का उसके साथ हंसना मुस्कुराना पसंद था और ना ही सहर का किसी के लिए रोना! उसकी आंखों में आंसू तो उसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं थे और वो भी किसी और की वजह से, हां अगर उन आँसुओं के पीछे रीजन वो है तो फिर उसे कोई भी प्रॉब्लम नहीं होती लेकिन फिलहाल वो कुछ कर नहीं सकता था क्योंकि वो सहर से बहुत दूर था इसलिए उसने एक गहरी सांस ली और बोला "इट्स ओके बच्चे इट्स ओके! बस कुछ वक्त और उसके बाद तो तुम हमेशा के लिए मेरे पास आ ही जाओगी, तब अगर तुम्हारी आंखों में आंसू आए तो मैं रहूंगा तुम्हें चुप करवाने के लिए और हंसने तो मैं तुम्हें किसी और के साथ दूंगा ही नहीं!”





















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