
सहर सवालिया नजरों से एकलव्य की तरफ देख रही थी और एकलव्य का चेहरा इस वक्त काफी ज्यादा सख्त और इंटेंस नजर आ रहा था, सहर की धड़कनें भी तेजी से बढ़ी हुई थी ये सोचकर कि पता नहीं उस रात प्रियम के साथ क्या ही हुआ होगा? हालांकि इन्वेस्टिगेशन में तो यही सामने आया था कि वो एक एक्सीडेंट था जो गलती से हुआ लेकिन सहर का दिल कहता था कि ऐसा पॉसिबल नहीं है! जरूर किसी ने जानबूझकर उसके प्रियम की हत्या की है और आज एकलव्य की बातें सुनकर उसका शक एक बार फिर से गहरा हो गया था।





















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