
जैसे ही संगम ने चित्रांशी के होठों पर लगी हुई सब्जी को अपने होठों से क्लीन किया चित्रांशी का दिल तो जोरो से धड़क उठा, उसके रोंगटे खड़े हो गए थे और संगम उसे और भी ज्यादा गहरी निगाहों से देखने लगा था।


जैसे ही संगम ने चित्रांशी के होठों पर लगी हुई सब्जी को अपने होठों से क्लीन किया चित्रांशी का दिल तो जोरो से धड़क उठा, उसके रोंगटे खड़े हो गए थे और संगम उसे और भी ज्यादा गहरी निगाहों से देखने लगा था।

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