
प्रणय इंतजार कर रहा था कि कब दीप्ति सोए और वो अपने रूम से बाहर निकल कर पाखी के पास जाए, इतना तो वो समझ चुका था कि अब तक पाखी हॉस्पिटल के लिए निकल गई होगी इसलिए उसे सीधा हॉस्पिटल के लिए जाना होगा लेकिन इंतजार करते-करते कब उसकी आंखें भारी होने लगी और उसकी पलकें झुकने लगी उसे पता ही नहीं चला!





















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