
सुबह का वक्त
बरकत की आंखें खुली और उसने अपनी बगल में सोए हुए अधीर की तरफ देखा। उसे अधीर की तरफ देखते ही कल रात का नजारा याद आ रहा था… जहां कल अधीर अपनी सारी लिमिट क्रॉस करने वाला था लेकिन आखिरी वक्त पर वो रुक गया था पर उसमें सिर्फ अधीर की गलती नहीं थी…




















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